भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार तत्कालीन शिवराज सरकार के गठित नए बोर्ड और प्राधिकरण बंद करने की तैयारी में है। साथ ही घाटे में चल रहे निगम-मंडलों को बंद करने की तैयारी में मध्य प्रदेश सरकार है। 46 निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्ड की नियुक्तियां निरस्त कर दी गई है। कैग 2022 की रिपोर्ट में बताया है कि प्रदेश में ऐसे 72 में से 40 उपक्रम निष्क्रिय मिले हैं। अब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मोहन सरकार ने माना है कि ऐसे निगम, मंडल और बोर्ड जिनसे शासन को या प्रदेश के नागरिकों को लाभ नहीं मिल पा रहा है उन्हें बंद किया जाए। वे संचालित होकर सिर्फ सरकार पर वित्तीय भार बढ़ा रहे हैं। इस मामले में निगम, मंडल और बोर्ड की जानकारी भी मांगी गई है। बता दें कि चुनावी साल में तत्कालीन शिवराज सरकार ने प्रदेश में चार नए बोर्ड का गठन किया है था। इसमें मध्य प्रदेश स्वर्ण कला बोर्ड, रजक कल्याण बोर्ड, विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड और तेल घानी बोर्ड शामिल हैं। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने चारों बोर्डों के गठन के आदेश जारी किए थे।
शिवराज के गठित बोर्ड और प्राधिकरण बंद करेगी मोहन सरकार

- Post author:Jantantra Editor
- Post published:May 27, 2024
- Post category:देश / मध्यप्रदेश
- Post comments:0 Comments
You Might Also Like

जबलपुर में धार्मिक विवाद के बाद बवाल: स्कूल संचालक के स्टेटस से भड़के हिंदू संगठन, स्कूल में तोड़फोड़, दीवारों पर कालिख पोती; ईसाई धर्मगुरु की पिटाई के बाद तनाव चरम पर

CM शिवराज ने ‘महाकाल लोक’ फेज-2 का किया लोकार्पण:उज्जैन में दिवाली जैसा नजारा, अन्न क्षेत्र भी भक्तों को समर्पित; देखें तस्वीरें
