जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
वक्फ संशोधन बिल 2024 को लेकर देश की संसद में घमासान मचा हुआ है। बुधवार को 12 घंटे की तीखी बहस और जोरदार हंगामे के बीच यह बिल लोकसभा में पास हो गया। रात 2 बजे हुए मतदान में 520 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें 288 सांसदों ने इसके पक्ष में और 232 ने विपक्ष में मतदान किया। अब यह बिल गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
खड़गे और अनुराग ठाकुर आमने-सामने – ‘अगर साबित कर दो, मैं इस्तीफा दे दूंगा’
लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे सदन में बवाल मच गया। ठाकुर ने कहा कि “कर्नाटक में हुए वक्फ घोटाले में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का भी नाम सामने आया है।”
अनुराग ठाकुर के इस बयान से सदन में शोरगुल बढ़ गया। कांग्रेस सांसदों ने कड़ा विरोध जताया और खड़गे ने खुद इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए ठाकुर को चुनौती दे दी। खड़गे ने कहा— “अनुराग ठाकुर को साबित करना होगा कि मैंने या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य ने वक्फ बोर्ड की 1 इंच भी जमीन पर कब्जा किया है। अगर वह ऐसा कर पाते हैं, तो मैं तुरंत राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दूंगा। और अगर वे इसे साबित नहीं कर पाते, तो उन्हें सांसद का पद छोड़ना होगा।”
इस चुनौती के बाद संसद का माहौल और गरमा गया। कांग्रेस सांसदों ने अनुराग ठाकुर से सबूत पेश करने की मांग की, लेकिन बढ़ते हंगामे को देखते हुए अनुराग ठाकुर ने खड़गे का नाम वापस ले लिया और लोकसभा के रिकॉर्ड से भी उनका बयान हटा दिया गया।
बता दें, बुधवार को लोकसभा में बिल पर हुई 12 घंटे की तीखी बहस के दौरान AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जबरदस्त विरोध किया। उन्होंने इस बिल को मुस्लिम समाज के खिलाफ बताते हुए संसद में ही इसके कागजात फाड़ दिए। ओवैसी ने कहा— “इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं, क्योंकि यह हमारे अधिकारों पर सीधा हमला है।” ओवैसी के इस कदम पर भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। इधर, चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि “इस बिल में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि वक्फ में गैर-इस्लामिक लोग शामिल किए जाएंगे।” उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अफवाह है और विपक्ष वोट बैंक की राजनीति के लिए अल्पसंख्यकों को डराने का काम कर रहा है।
आज राज्यसभा में पेश होगा बिल, क्या होगा विपक्ष का रुख?
लोकसभा में पास होने के बाद अब यह बिल गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। कांग्रेस, AIMIM और अन्य विपक्षी दलों ने इस बिल का कड़ा विरोध करने की रणनीति बनाई है। माना जा रहा है कि राज्यसभा में भी इस पर तीखी बहस देखने को मिलेगी।