धनखड़ के अचानक इस्तीफे से खाली हुआ देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद: सबसे आगे थावरचंद गहलोत का नाम, ओम माथुर और विपक्ष से हरिवंश नारायण भी रेस में!

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जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:

भारत के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद उपराष्ट्रपति के लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। एनडीए और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम तय करने की कवायद में जुटे हैं। भाजपा संसदीय बोर्ड की अहम बैठक 17 अगस्त की शाम होगी, जिसमें एनडीए उम्मीदवार के नाम पर मुहर लग सकती है। वहीं विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक 18 अगस्त को बैठक कर उम्मीदवार पर अंतिम चर्चा करेगा। चुनाव प्रक्रिया 9 सितंबर को पूरी होगी।


जगदीप धनखड़ के इस्तीफे से खाली हुआ पद

74 वर्षीय जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था। धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव को जरूरी बना दिया।

भाजपा के भीतर सबसे आगे थावरचंद गहलोत का नाम

सूत्रों के मुताबिक भाजपा में थावरचंद गहलोत (77 वर्ष) सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।

  • वे वर्तमान में कर्नाटक के राज्यपाल हैं।

  • राज्यसभा में सदन के नेता रह चुके हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे।

  • पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड (सबसे उच्च निर्णय लेने वाली इकाई) के सदस्य रह चुके हैं।

  • जातीय समीकरण (दलित वर्ग) और प्रशासनिक अनुभव दोनों में फिट बैठते हैं।

  • 1980 से राजनीति में सक्रिय हैं, लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

ओम माथुर भी रेस में

ओम माथुर (73 वर्ष) का नाम भी दावेदारों में शामिल है।

  • वर्तमान में सिक्किम के राज्यपाल हैं।

  • लंबे समय तक भाजपा संगठन में अहम जिम्मेदारी संभाली।

  • 1990 में राजस्थान भाजपा के महासचिव बने और बाद में राष्ट्रीय महासचिव भी रहे।

  • गुजरात चुनावों में वे नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं।

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में प्रचारक के रूप में सक्रिय रहे।

विपक्ष की तरफ से हरिवंश नारायण सिंह का नाम चर्चा में

विपक्षी खेमे में हरिवंश नारायण सिंह (69 वर्ष) का नाम सामने आ रहा है।

  • वर्तमान में वे राज्यसभा के उपसभापति हैं।

  • पेशे से पत्रकार रहे हैं और 2014 में जेडीयू के टिकट पर बिहार से राज्यसभा पहुंचे।

  • 2018 और 2020 में एनडीए के समर्थन से राज्यसभा उपसभापति चुने गए थे।

संसद में एनडीए का पलड़ा भारी

संख्या बल के लिहाज से एनडीए का उम्मीदवार आसानी से जीत सकता है।

  • लोकसभा में कुल 542 में से NDA के पास 293 सांसद हैं जबकि INDIA ब्लॉक के पास 234।

  • राज्यसभा में 240 में से NDA को 130 सांसदों का समर्थन है, INDIA के पास 79।

  • यानी कुल मिलाकर NDA के पास 423 और INDIA ब्लॉक के पास 313 सांसद हैं।

उपराष्ट्रपति का काम और जिम्मेदारियां

  • कार्यकाल 5 साल का होता है।

  • राष्ट्रपति के अनुपस्थित रहने या इस्तीफे/निधन की स्थिति में उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति बन जाते हैं।

  • उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं।

  • केवल संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य उपराष्ट्रपति का चुनाव करते हैं।

  • मतदान प्राथमिकता क्रम (1,2,3…) के आधार पर होता है।

  • जीत के लिए कुल वैध मतों का 50% से अधिक हासिल करना जरूरी है।

चुनावी प्रक्रिया

  1. निर्वाचन आयोग अधिसूचना जारी करता है।

  2. उम्मीदवार को 20 सांसद प्रस्तावक और 20 समर्थक चाहिए।

  3. सांसदों के बीच सीमित प्रचार चलता है।

  4. 9 सितंबर को मतदान और उसी दिन नतीजे घोषित होंगे।

  5. नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है, जबकि 25 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकते हैं।

थावरचंद गहलोत जातीय समीकरण और अनुभव दोनों के कारण एनडीए के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं ओम माथुर और विपक्ष की ओर से हरिवंश नारायण सिंह का नाम भी चर्चा में है। संख्या बल को देखते हुए एनडीए का उम्मीदवार लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन नामांकन तक राजनीतिक जोड़-तोड़ जारी रहेगा।

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