जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
मुख्यमंत्री एवं जनअभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय अस्मिता, धरोहर और सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “वोकल फॉर लोकल” अभियान भारतीयता की उसी भावना को मजबूत कर रहा है।
डॉ. यादव शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी “स्वदेशी से स्वावलंबन” को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशी उत्पाद विदेशी सामान से कहीं ज्यादा मजबूत और किफायती होते हैं। इनके इस्तेमाल से न केवल ग्राहक को सीधा लाभ मिलता है, बल्कि स्थानीय उद्योग और कारीगरों को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हर नागरिक न सिर्फ खुद स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करे, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करे। उनका मानना है कि यही प्रयास भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
दीप प्रज्ज्वलन से हुई शुरुआत, ब्रोशर का हुआ विमोचन
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। इस अवसर पर जनअभियान परिषद द्वारा तैयार स्वदेशी अभियान का पोस्टर और ब्रोशर भी जारी किया गया। इस ब्रोशर में स्वदेशी वस्तुओं की सूची दी गई है ताकि आमजन आसानी से उन्हें पहचानकर अपनाएं।
कार्यक्रम में परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के बीच स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) भी हुआ।
‘स्वदेशी ही सच्ची राष्ट्रसेवा’ – सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोदी सरकार आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा – “स्वदेशी वस्तुओं का अधिक उपयोग ही देश के प्रति प्रेम और सच्ची राष्ट्र सेवा है।” उन्होंने उपस्थित लोगों को स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने की शपथ भी दिलाई।
लघु उद्योग दिवस पर बधाई, स्थानीय उद्योगों पर जोर
‘राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस’ पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग ही देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय तकनीक और उत्पादों की मांग वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही है, जो राष्ट्रीय स्वाभिमान को और बल देती है।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार एमएसएमई और रोजगारपरक उद्योगों को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रही है। निवेशकों को किफायती दर पर भूमि, बिजली, पानी और प्रति श्रमिक 5 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
पर्यटन और निवेश पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि “महाकाल लोक” के निर्माण के बाद वर्ष 2024 में 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे, जो प्रदेश की नई पहचान बना। इसके अलावा, ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव जैसी पहलें आगे भी जारी रहेंगी।
अन्य वक्ताओं ने क्या कहा?
कार्यक्रम में बैतूल विधायक और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वदेशी सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक मुद्दा भी है। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने आचरण में स्वदेशी भाव नहीं लाएंगे, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा।
जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि परिषद 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक ‘स्वदेशी जागरण सप्ताह’ मनाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले अभियानों जैसे “जल गंगा संवर्धन अभियान” और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में लाखों लोगों ने भागीदारी की थी।
कार्यक्रम में शामिल रहे प्रमुख
संगोष्ठी में स्वदेशी जागरण मंच के वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारी सुधीर दाते, अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल, राष्ट्रीय संयोजक आर. सुंदरम, परिषद के कार्यपालिक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ समेत बड़ी संख्या में विद्वतजन व संगठन प्रतिनिधि मौजूद रहे।