इंदौर में नकली नोटों का इस्तेमाल करने की कोशिश का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी करेंसी तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली नोट और नोट छापने में उपयोग होने वाली मशीन बरामद की है।
यह मामला उस समय सामने आया जब शहर के एक रेस्टोरेंट में एक युवक ने भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट दिया। नोट की गुणवत्ता पर रेस्टोरेंट संचालक को संदेह हुआ, जिसके बाद उसने तुरंत युवक को रोक लिया और पुलिस को सूचना दे दी। कर्मचारियों की सतर्कता के कारण आरोपी मौके से भाग नहीं सका।
सूचना मिलने के बाद गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। तलाशी के दौरान उसके पास से कई नकली नोट बरामद हुए, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी बाजार में इन नोटों को चलाने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नकली नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाले एक व्यक्ति ने दिए थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तत्काल दूसरे आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
दूसरे आरोपी के घर की तलाशी के दौरान पुलिस को लगभग 40 हजार रुपये के नकली नोट, प्रिंटिंग मशीन और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान मिला। बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मास्टरमाइंड अपने साथी के माध्यम से बाजार में नकली नोट खपवाने की योजना बना रहा था। मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने नकली नोट बाजार में पहुंच चुके हैं और किन-किन लोगों तक इनकी सप्लाई की गई।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि मुख्य आरोपी पहले भी नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उस समय उसे खंडवा एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए पकड़ा था, लेकिन जमानत मिलने के बाद उसने फिर से इसी अवैध कारोबार को शुरू कर दिया।
पुलिस अब आरोपी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि नकली नोट तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा प्रिंटिंग के लिए सामग्री कहां से लाई जाती थी। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जब्त किए गए नकली नोटों और मशीन की तकनीकी जांच कराई जा रही है, जबकि पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है।