पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनकी सरकार कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सख्त रुख अपनाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कई अहम नीतिगत बदलाव किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड जिहाद, लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए अलग से कठोर कानून बनाए जाएंगे। उनका कहना था कि सामाजिक सौहार्द और कानून का पालन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होगी।

उन्होंने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य में रहने वाले अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान की जाएगी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके मूल देश भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
यह घोषणा कोलकाता के रवींद्र सदन में आयोजित वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हुए कार्यक्रम के दौरान की गई। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा, राष्ट्रीय हित और सांस्कृतिक पहचान को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी तथा अवैध घुसपैठियों की पहचान और प्रक्रिया पूरी करने के लिए विशेष होल्डिंग सेंटर भी बनाए जाएंगे।
उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए पात्र हिंदू शरणार्थियों को कानून के अनुसार नागरिकता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। साथ ही भारतीय सेना का अपमान या राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश, एक विधान, एक प्रधान, एक निशान” के विचारों के अनुरूप कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय चरित्र की रक्षा के लिए सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आपातकाल का विरोध करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष समन्वय समिति बनाई जाएगी और पात्र लोगों को आधिकारिक सम्मान पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। साथ ही सामाजिक और संवैधानिक विषयों पर नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, CAA के क्रियान्वयन, आयुष्मान भारत योजना लागू करने, नई आपराधिक संहिताओं को लागू करने, भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में राहत देने और अन्य प्रशासनिक सुधारों जैसे कई महत्वपूर्ण फैसलों पर तेजी से काम किया जाएगा।