गडकरी का दावा- E20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान का कोई प्रमाण नहीं, माइलेज पर सड़क और ट्रैफिक का ज्यादा असर

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देश में E20 पेट्रोल और एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि अब तक E20 या एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों के खराब होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि भारत में वर्ष 2004 से ही पेट्रोल में एथेनॉल मिलाया जा रहा है और लंबे समय के उपयोग के बावजूद गाड़ियों को नुकसान पहुंचने का कोई आधिकारिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

गडकरी के अनुसार एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उद्देश्य केवल वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण में कमी लाना और किसानों की आय बढ़ाना भी है। उन्होंने बताया कि देश में एथेनॉल का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और इसे केवल गन्ने से ही नहीं, बल्कि मक्का, मोलासेस, टूटे चावल, पराली, बांस और अन्य कृषि अवशेषों से भी तैयार किया जा रहा है। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिल रही है।

माइलेज को लेकर उठ रही शिकायतों पर गडकरी ने कहा कि किसी वाहन की ईंधन खपत केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करती। सड़क की गुणवत्ता, ट्रैफिक की स्थिति, वाहन की मेंटेनेंस और ड्राइविंग स्टाइल जैसे कई कारक माइलेज को प्रभावित करते हैं। उन्होंने माना कि एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से थोड़ी कम होती है, इसलिए कुछ परिस्थितियों में मामूली अंतर देखा जा सकता है, लेकिन इसे बड़े नुकसान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि आने वाले समय में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन के बढ़ते इस्तेमाल से यह अंतर और कम हो जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी जरूरतों और संसाधनों के आधार पर ईंधन नीति तैयार कर रहा है। कई देशों में अलग-अलग प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन उपलब्ध है, जबकि भारत चरणबद्ध तरीके से एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ा रहा है ताकि तेल आयात में कमी लाई जा सके और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।

पेट्रोल की कीमतों पर पूछे गए सवाल के जवाब में गडकरी ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पेट्रोल की लागत को प्रभावित करती हैं और खुदरा कीमत तय करना पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल का उद्देश्य केवल ईंधन सस्ता करना नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना भी है।

सरकार के अनुसार भारत में E20 पेट्रोल की आपूर्ति पूरे देश में शुरू हो चुकी है और एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी मुद्रा की बचत, प्रदूषण में कमी और किसानों को अतिरिक्त आय का लाभ मिलने का दावा किया जा रहा है। सरकार भविष्य में एथेनॉल मिश्रण का दायरा और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।