हरियाणा के अंबाला में गुरुवार को कई घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर साजिश से जुड़ा बताया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग हथियारों के साथ भीड़ में शामिल हुए और अंधेरा होने के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
अंबाला पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत की गई थी और हाईवे खाली करने की अपील भी की गई थी। पुलिस के मुताबिक, जब बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला तो हाईवे को खाली कराने की कोशिश की गई। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और भीड़ की तरफ से पुलिसकर्मियों पर हमला किए जाने का आरोप है।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि भीड़ में कुछ लोग भाले, फरसे, तलवार और कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार लेकर मौजूद थे। एसपी के मुताबिक, अंधेरा होने के बाद इन लोगों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाना शुरू किया। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोगों ने ट्रकों की चाबियां भी छीन लीं, ताकि हाईवे पर फंसे वाहनों को वहां से हटाया न जा सके।
इस पूरे मामले में गैस टैंकर को लेकर भी पुलिस ने गंभीर दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, एक गैस टैंकर जाम में फंस गया था और उसके ड्राइवर से चाबी छीन ली गई। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से टैंकर को रास्ता देने की अपील की, क्योंकि किसी तरह की अनहोनी होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस का कहना है कि टैंकर को रोकने की कोशिश से स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
बवाल के दौरान पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी भी घायल हुए। पुलिस के मुताबिक, धारदार हथियार से हुए हमले में अधिकारी के हाथ का अंगूठा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे जोड़ने के लिए डॉक्टरों को कई टांके लगाने पड़े। इसके अलावा कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने के बाद पहले लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। इसके बाद भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और बाद में लाठीचार्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी हाईवे की ओर बढ़ रहे थे, जिसके कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
यह विवाद पिछले कई दिनों से चला आ रहा है। शुरुआत एक धार्मिक स्थल पर हुई घटना के बाद हुए विवाद से हुई थी। इसके बाद एक व्यक्ति पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई के बाद सिख जत्थेबंदियों की ओर से आरोपियों की रिहाई की मांग को लेकर विरोध शुरू हुआ और पुलिस थाने का घेराव भी किया गया।
गुरुवार को आरोपियों की रिहाई की मांग को लेकर फिर बैठक हुई और इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस के मुताबिक, मामले को शांत करने के लिए बातचीत की गई और प्रदर्शनकारियों की एक मांग पर कार्रवाई भी की गई। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा और देर शाम पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई।

दूसरी ओर, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से जुड़े सदस्यों ने भी रात की कार्रवाई में अपने लोगों के घायल होने की बात कही है। कमेटी के सदस्यों के मुताबिक, उनके कुछ साथियों को चोटें आईं और बाद में गुरुद्वारे में डॉक्टर को बुलाकर उनका इलाज कराया गया। कमेटी की ओर से पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।
अब इस मामले को लेकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने शुक्रवार दोपहर बैठक बुलाई है। बैठक में पूरे घटनाक्रम पर चर्चा होगी और आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा। कमेटी के स्तर पर यह भी विचार किया जा सकता है कि मामले को धार्मिक स्तर पर आगे उठाया जाए या नहीं। फिलहाल अंबाला में हाईवे पर आवाजाही सामान्य बताई जा रही है और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात है।
पुलिस ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रदर्शन से जुड़े पक्ष अपनी-अपनी शिकायतों और मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में शांति बनाए रखना और यातायात व्यवस्था को सामान्य रखना है।

