राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं से केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख और ज्यादा आक्रामक करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सरकार बैकफुट पर है और कांग्रेस को विपक्ष के तौर पर अपनी भूमिका मजबूती से निभानी चाहिए।
राहुल गांधी ने कांग्रेस की एकता को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने नेताओं से आपसी एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि पार्टी को एकजुट होकर राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को लेकर भी टिप्पणी की। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी का शासन आखिरी दौर में है और उनके उत्तराधिकारी को लेकर तलाश चल रही है।
ये बातें नई दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सामने आईं। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने देश की राजनीतिक स्थिति और पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक में युवाओं की शिक्षा और रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेतृत्व ने युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और शिक्षा से रोजगार तक स्पष्ट रोडमैप की जरूरत बताई।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चिंता जताई गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में स्कूल बंद हुए हैं। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्या बताया।
बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट को मिलने वाले चंदे और दान की पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने दान के रूप में मिले पैसे, सोने और अन्य सामग्री के इस्तेमाल तथा उसके हिसाब-किताब को सार्वजनिक किए जाने की मांग की।
भारतीय सीमा और चीन से जुड़े मुद्दे पर भी कांग्रेस ने सरकार से जवाबदेही की मांग की। बैठक में सीमा सुरक्षा से जुड़े सवालों पर चर्चा हुई और सरकार से स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की बात कही गई।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने संसद सत्र के बाद देश की राजनीतिक स्थिति की समीक्षा भी की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पार्टी को जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए और सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखना चाहिए।
बैठक के दौरान कांग्रेस की आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी विचार किया गया। पार्टी नेतृत्व ने एकजुटता के साथ सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने और युवाओं, शिक्षा, रोजगार, सीमा सुरक्षा तथा पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया।

