IET हॉस्टल में रैगिंग का हंगामा: सीनियर्स ने जूनियर्स से मारपीट की, पुलिस शिकायत के बाद मचा हड़कंप; खबर फैली—जूनियर का मुंह कमोड में डालकर फ्लश चलाया गया!

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जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:

इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) का हॉस्टल एक बार फिर से सुर्खियों में है। यहां जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्रों ने सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि थर्ड और फाइनल ईयर के कुछ स्टूडेंट्स ने हॉस्टल में घुसकर जूनियर्स से परिचय के नाम पर बदसलूकी की और मारपीट भी की।

कैसे सामने आया मामला?

गुरुवार रात को बीटेक थर्ड और फोर्थ ईयर के छात्रों का एक ग्रुप हॉस्टल में पहुंचा। सीनियर्स ने जूनियर से नाम पूछते हुए दबाव बनाया और इसी दौरान विवाद बढ़ गया। मारपीट तक की नौबत आ गई। पीड़ित छात्र डरे-सहमे अपने परिजनों और विवि प्रबंधन तक पहुंचे और आखिरकार भंवरकुआं पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

इस बीच, हॉस्टल में यह अफवाह भी फैली कि सीनियर्स ने एक जूनियर का मुंह कमोड में डालकर फ्लश चला दिया। हालांकि बाद में संबंधित छात्र ने पुलिस के सामने इस घटना से इनकार कर दिया। सूत्रों का कहना है कि छात्र दबाव और डर की वजह से बयान बदल रहा है।

पहले भी हुई थी ऐसी घटना, 6 स्टूडेंट्स निकाले गए

यह पहला मौका नहीं है जब IET हॉस्टल से रैगिंग की खबर आई हो। 18 और 19 अगस्त की रात को भी सेकेंड ईयर के छात्रों द्वारा फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स से दुर्व्यवहार किया गया था। मामले की शिकायत UGC की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन तक पहुंची थी। जांच के बाद आईईटी प्रबंधन ने 22 अगस्त को 6 सीनियर छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया था। इनमें से तीन छात्रों ने पहले ही हॉस्टल खाली कर दिया है और बाकी तीन भी प्रक्रिया में हैं।

IET प्रबंधन का पक्ष

IET के प्रभारी डायरेक्टर डॉ. प्रतोष बंसल ने बताया कि ताजा मामले में अभी जांच की जा रही है।

“पहला मामला रैगिंग का नहीं बल्कि बदसलूकी का था। इस बार जो घटना हुई है उसकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। पीड़ित छात्र ने पुलिस में शिकायत की है। सोमवार तक आंतरिक जांच समिति रिपोर्ट तैयार कर देगी और जरूरत पड़ने पर अनुशासन समिति को मामला भेजा जाएगा।”

उन्होंने यह भी साफ किया कि हॉस्टल में छात्रों के बीच बातचीत (इंटरेक्शन) के नाम पर मारपीट और दबाव स्वीकार्य नहीं है।

पीड़ित छात्र रीवा का रहने वाला है और फिलहाल अलग से किराए के कमरे में पढ़ाई करता है। उसने आरोप लगाया कि फाइनल ईयर के कुछ छात्रों ने न सिर्फ हॉस्टल में उसे पीटा बल्कि कमरे में ले जाकर भी मारपीट की। छात्र ने अपने भाई को फोन किया, जो पुलिस लेकर हॉस्टल पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। भंवरकुआं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पूछताछ में कुछ सीनियर छात्रों की पहचान हो चुकी है और उनसे पूछताछ की तैयारी है।

हॉस्टल में सन्नाटा, छात्र बोलने से बच रहे

घटना के बाद से IET कैंपस और हॉस्टल में तनाव का माहौल है। कई जूनियर छात्र डरे हुए हैं और मीडिया या प्रबंधन के सामने खुलकर बोलने से बच रहे हैं। कैंपस के ब्लॉक हॉस्टल में इक्का-दुक्का छात्र ही नजर आ रहे हैं। जिन सीनियर से बात की गई, वे भी चुप्पी साधे हुए हैं।

रैगिंग या बदसलूकी?

जहां एक ओर प्रबंधन इसे “रैगिंग” की बजाय “बदसलूकी” बताकर हल्का करने की कोशिश कर रहा है, वहीं छात्र मानते हैं कि यह सीधी-सीधी रैगिंग है। घटनाओं की आवृत्ति और शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए यह स्पष्ट है कि हॉस्टल में अनुशासन और निगरानी की कमी है।

आगे क्या?

आईईटी ने मामले की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित की है। रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना है। अगर आरोप सही पाए गए तो संबंधित छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस भी एफआईआर की कॉपी और सबूत जुटाकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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