जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र अंतर्गत कोंडावत गांव में गुरुवार, 3 अप्रैल को एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना घटी, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक और स्तब्धता में डाल दिया। गांव में गणगौर पर्व की तैयारी जोरों पर थी और उसी के अंतर्गत 150 साल पुराने एक पारंपरिक कुएं में जवारे विसर्जन की रस्म अदा की जानी थी। लेकिन रस्म से पहले कुएं की सफाई की जरूरत महसूस हुई। इसी सिलसिले में 35 वर्षीय अर्जुन कुएं में उतर गया, लेकिन जैसे ही वह नीचे पहुंचा, कुएं में मौजूद जहरीली गैस ने उसे बेसुध कर दिया और वह दलदल में समा गया।
जब अर्जुन की कोई आवाज नहीं आई, तो गांव के अन्य लोग उसे बचाने के लिए एक के बाद एक कुएं में उतरते गए, बचाने की चाहत में 7 और लोग अपनी जान गंवा बैठे। देखते ही देखते कुएं में दम घुटने और दलदल में फंसने से आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह दृश्य ने गांव में चीख-पुकार और मातम का माहौल बना दिया। घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, लोग रोते-बिलखते दौड़ पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। तीन घंटे तक चले जबरदस्त रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रस्सियों और जालियों की मदद से कुएं से सभी आठ शव बाहर निकाले गए। मृतकों की पहचान राकेश (21), वासुदेव (40), अर्जुन (35), गजानंद (35), मोहन (48), अजय (25), शरण (40) और अनिल (28) के रूप में हुई। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया और अगले दिन शुक्रवार, 4 अप्रैल को उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया गया।
इस हृदयविदारक हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा –“कुएं में जहरीली गैस से दम घुटने के कारण आठ व्यक्तियों के काल कवलित होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। दुख की इस घड़ी में सभी शोकाकुल परिजनों के साथ मेरी गहन शोक संवेदनाएं हैं। मैंने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें।”