CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 जारी: पिछले साल की तुलना में रिजल्ट में गिरावट, लड़कियों ने फिर मारी बाजी; कंपार्टमेंट और री-इवैल्यूएशन का विकल्प

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बुधवार दोपहर 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए। इसके साथ ही मध्य प्रदेश सहित देशभर के लाखों विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया। भोपाल रीजन के 9,399 छात्रों समेत प्रदेश के कुल 80,454 विद्यार्थियों ने इस वर्ष परीक्षा दी थी। रिजल्ट जारी होते ही छात्रों और अभिभावकों ने आधिकारिक वेबसाइट, डिजिलॉकर और उमंग ऐप के जरिए अपने परिणाम देखना शुरू कर दिए।

इस बार घोषित परिणामों में भोपाल रीजन का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कमजोर रहा है। जहां पूरे देश का औसत पास प्रतिशत 85.20 दर्ज किया गया, वहीं भोपाल रीजन में केवल 79.43 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हो सके। यानी भोपाल रीजन राष्ट्रीय औसत से 5.77 प्रतिशत पीछे रहा। यही नहीं, रायपुर, लखनऊ और रांची जैसे कई अन्य रीजन ने भी भोपाल से बेहतर प्रदर्शन किया।

पिछले साल की तुलना में रिजल्ट में गिरावट

देशभर के परिणामों पर नजर डालें तो इस वर्ष CBSE 12वीं परीक्षा का कुल पास प्रतिशत 85.20 रहा है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 88.39 प्रतिशत था। इस तरह इस बार रिजल्ट में 3.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष कई क्षेत्रों में परिणाम अपेक्षा से कम रहे।

रीजनवार प्रदर्शन में तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) ने देश में सबसे बेहतर परिणाम दर्ज किया। यहां 95.62 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए। दूसरी ओर प्रयागराज रीजन का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जहां केवल 72.43 प्रतिशत छात्र सफल हो सके। दिल्ली ईस्ट और दिल्ली वेस्ट रीजन ने भी 91 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट दर्ज कर बेहतर प्रदर्शन किया।

लड़कियां फिर आगे निकलीं

भोपाल रीजन के आंकड़ों में एक बार फिर लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में बेहतर रहा। इस वर्ष लड़कों का पास प्रतिशत 76.87 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कियों का रिजल्ट 82.19 प्रतिशत दर्ज किया गया। यानी लड़कियां करीब पांच प्रतिशत अंकों से आगे रहीं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कई वर्षों से बोर्ड परीक्षाओं में लड़कियों का प्रदर्शन बेहतर रहने का ट्रेंड अब और मजबूत होता दिखाई दे रहा है।

12 प्रतिशत से ज्यादा छात्र सभी विषयों में फेल

भोपाल रीजन के परिणामों में एक चिंताजनक तथ्य भी सामने आया है। कुल परीक्षार्थियों में से 12.14 प्रतिशत छात्र ऐसे रहे, जो सभी विषयों में असफल हो गए। शिक्षा जगत में इसे गंभीर संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा केवल छात्रों की तैयारी ही नहीं, बल्कि स्कूल स्तर की शैक्षणिक गुणवत्ता और परीक्षा रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है। कई शिक्षकों का मानना है कि डिजिटल और प्रतिस्पर्धात्मक पढ़ाई के बढ़ते दबाव के बीच छात्रों को लगातार शैक्षणिक मार्गदर्शन की जरूरत है।

ऐसे देख सकते हैं रिजल्ट

CBSE ने विद्यार्थियों को कई डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से परिणाम देखने की सुविधा दी है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट के अलावा DigiLocker और UMANG ऐप पर भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

रिजल्ट देखने के लिए विद्यार्थियों को रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी।

कंपार्टमेंट और री-इवैल्यूएशन का विकल्प

जो छात्र एक या अधिक विषयों में सफल नहीं हो सके हैं, उन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। वहीं, अपने अंकों से असंतुष्ट विद्यार्थी उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

बोर्ड की ओर से इन प्रक्रियाओं की तारीखें और विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

फरवरी से अप्रैल तक चली थीं परीक्षाएं

CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षाएं इस वर्ष 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। परीक्षा समाप्त होने के बाद कॉपियों का मूल्यांकन डिजिटल सिस्टम के जरिए किया गया। बोर्ड के अनुसार इस प्रक्रिया से मूल्यांकन को अधिक तेज और पारदर्शी बनाया गया।

देश का दूसरा सबसे बड़ा CBSE रीजन है भोपाल

स्कूलों की संख्या के लिहाज से भोपाल रीजन देश के सबसे बड़े CBSE रीजन में शामिल है। यहां कुल 1291 संबद्ध स्कूल हैं। इस मामले में भोपाल केवल लुधियाना रीजन से पीछे है, जहां 1483 स्कूल संचालित हैं।

बड़े शैक्षणिक नेटवर्क के बावजूद इस बार भोपाल रीजन का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से नीचे रहना शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन दोनों के लिए समीक्षा का विषय माना जा रहा है।