मध्य प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में, खजुराहो में पारा 46.8 डिग्री तक पहुंचा; भोपाल में सड़कों पर दिखा गर्मी का असर

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मध्य प्रदेश में सोमवार को गर्मी ने लगभग पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया। कई शहरों में तापमान ने इस सीजन के नए रिकॉर्ड बनाए और लोगों को भीषण लू तथा झुलसा देने वाली गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा तापमान छतरपुर जिले के खजुराहो में दर्ज किया गया, जहां पारा 46.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, इसी जिले के नौगांव में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

गर्मी की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के 22 शहरों में इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री तक पहुंचा, जहां तेज गर्मी के कारण सड़कों पर पिघलने जैसी स्थिति देखने को मिली।

मई में पहली बार इतना तप गया पूरा प्रदेश

मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मई महीने में पहली बार सोमवार को मध्य प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में तीखी गर्मी का असर एक साथ महसूस किया गया। दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं और दोपहर के समय हालात अधिक कठिन हो गए।

खजुराहो में सोमवार का दिन ऐतिहासिक रूप से भी खास दर्ज हुआ। यहां यह अब तक का दूसरा सबसे गर्म दिन माना गया। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सोमवार को पारा उससे केवल 0.1 डिग्री कम रहा।

बड़े शहरों में भी बढ़ी गर्मी

प्रदेश के प्रमुख शहर भी सोमवार को तेज गर्मी की चपेट में रहे। इंदौर में अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि ग्वालियर में 43.7 डिग्री दर्ज हुआ।

उज्जैन में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और जबलपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में भी पारा 44 डिग्री तक पहुंचा।

मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में इस वर्ष की गर्मी पिछले साल की तुलना में अधिक दर्ज की गई।

छतरपुर जिले के दो शहर सबसे ज्यादा गर्म

सोमवार को प्रदेश के सबसे गर्म स्थानों की सूची में छतरपुर जिले के दो शहर शीर्ष पर रहे। खजुराहो में 46.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जबकि नौगांव 46 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

इसके अलावा कई शहरों में भी पारा 44 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया:

  • राजगढ़ – 45.5 डिग्री
  • रतलाम – 45.4 डिग्री
  • खंडवा – 45.1 डिग्री
  • शाजापुर, श्योपुर और मुरैना – 45 डिग्री
  • दमोह और सतना – 44.8 डिग्री
  • सागर – 44.7 डिग्री
  • गुना और रीवा – 44.5 डिग्री
  • रायसेन – 44.4 डिग्री
  • खरगोन – 44.2 डिग्री
  • धार – 44.1 डिग्री
  • टीकमगढ़ और मंडला – 44 डिग्री सेल्सियस

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अधिकतम तापमान में आने वाले दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है।

मंगलवार को भीषण लू का अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कई जिलों में गंभीर गर्मी और लू की चेतावनी जारी की है। भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में तीव्र लू चलने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक रह सकता है।

इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, पन्ना, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भी हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है।

इन जिलों में लू का अलर्ट नहीं, लेकिन गर्मी रहेगी तेज

मौसम विभाग ने कुछ जिलों में औपचारिक रूप से लू का अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन वहां भी तेज गर्मी का प्रभाव बने रहने की संभावना जताई गई है।

इनमें जबलपुर, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।

मौसम वैज्ञानिक की सलाह: दोपहर में बाहर निकलने से बचें

मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने लोगों को दोपहर के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उनके अनुसार, दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे के बीच गर्मी का असर सबसे ज्यादा रहेगा।

उन्होंने कहा कि लोग अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलें और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। विभाग का अनुमान है कि 17, 18 और 19 मई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी बनी रहेगी।

मई में गर्मी से पहले बारिश और आंधी का लंबा दौर

मध्य प्रदेश में मई का पहला पखवाड़ा मौसम के उतार-चढ़ाव से भरा रहा। 30 अप्रैल से प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ था, जो लगातार 10 मई तक चलता रहा।

इस दौरान कभी पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस), कभी चक्रवाती गतिविधियों और कभी टर्फ सिस्टम का असर देखने को मिला। इसी वजह से मई के शुरुआती दिनों में कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई।

11 मई को यह सिलसिला कुछ थमा, लेकिन 12 मई से 18 मई के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में फिर कहीं आंधी, कहीं बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का असर बना रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, मई के पहले 18 दिनों में से 14 दिन प्रदेश किसी न किसी रूप में मौसम गतिविधियों से प्रभावित रहा। हालांकि मंगलवार के लिए प्रदेश में कहीं भी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।