बागेश्वर सरकार इन दिनों उत्तराखंड स्थित श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर हैं. 21 दिवसीय कठिन साधना पूर्ण करने के बाद आज से उन्होंने भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम में सत्यनारायण भगवान की पांच दिवसीय कथा का शुभारंभ किया, जहां हजारों श्रद्धालु कथा रस का आनंद ले रहे हैं. कथा के प्रथम दिवस के विराम के बाद व्यासपीठ से बागेश्वर सरकार ने देशभर के सनातनियों, गौ सेवकों और संत समाज से विशेष आवाहन किया. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि आगामी 27 जुलाई को भारत के समस्त जिलों में ‘गौ माता राष्ट्र माता’ बनाने की मांग को लेकर एक विशाल ज्ञापन एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा.
‘गौ सेवक और सनातनी इकट्ठा होकर सहभागिता दें’
बागेश्वर सरकार ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से भारत सरकार तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाए और सड़कों पर भटक रही गौ माताओं को ससम्मान गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
उन्होंने कहा कि देशभर के गौ सेवक, गौ रक्षक और सनातनी अपने-अपने जिलों में एकत्र होकर इस अभियान में सहभागिता करें और गौ संरक्षण के लिए अपनी आवाज बुलंद करें. व्यासपीठ से संबोधित करते हुए बागेश्वर सरकार ने कहा कि उन्होंने एक समाचार देखा, जिसमें देश के मुस्लिम समाज के लोग भी गौ माता को राष्ट्र माता बनाए जाने के समर्थन में सामने आ रहे हैं.
‘हम गाय को रोटी खिलाते हैं, कुछ लोग गाय के साथ रोटी खाते हैं’
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मौलाना मदनी का उल्लेख करते हुए कहा, ‘मौलाना मदनी ने भी भारत सरकार से गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की है. हम लोग गाय को रोटी खिलाते हैं, कुछ लोग रोटी के साथ गाय खाते हैं, लेकिन अब वे भी गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के समर्थन में आगे आ रहे हैं. देश बदल रहा है.’
उन्होंने संत समाज से भी आग्रह किया कि सभी संत महात्मा और सनातनी दिल्ली पहुंचकर गौ माता को राष्ट्र माता बनाने की मांग को मजबूती प्रदान करें. बद्रीनाथ धाम में चल रही श्री सत्यनारायण कथा के दौरान यह घोषणा श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और देशभर के गौ भक्तों में अभियान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है.