नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ संगठन और समूह देश की शिक्षा व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने CJP को “दहशत फैलाने वाली ताकतों की बी टीम” बताते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में असफल रहने वाले लोग अब नए रूप में छात्रों के बीच भ्रम और अविश्वास का माहौल बना रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के लाखों छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शिक्षा माफिया, कोचिंग नेटवर्क और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर सरकार की कड़ी नजर है और आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और सख्ती दिखाई जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर दो घंटे के भीतर लगभग 38 लाख साइबर हमले दर्ज किए गए थे। उनके मुताबिक यह केवल तकनीकी हमला नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में अराजकता फैलाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं और भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसी दिशा में अगले वर्ष से नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों की आत्महत्या के मामलों पर राजनीति करने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील घटनाओं का राजनीतिक लाभ उठाना छात्रों और उनके परिवारों के साथ अन्याय है। उनके अनुसार विपक्ष को सरकार की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन परीक्षा से ठीक पहले छात्रों के मन में डर और असुरक्षा का माहौल बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई सकारात्मक सुझाव मिले हैं और उन पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
वहीं, CJP पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं और उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को “वसूली तंत्र” बताते हुए व्यापक सुधार की जरूरत बताई है। इस पूरे विवाद ने देशभर में शिक्षा प्रणाली और परीक्षा सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
नीट-यूजी 2026 का आयोजन 3 मई को हुआ था, जिसके बाद कई राज्यों से पेपर लीक के आरोप सामने आए। बढ़ते विवाद को देखते हुए केंद्र सरकार ने 12 मई को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। जांच एजेंसी अब तक डॉक्टरों, कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों, स्कूल प्रधानाचार्यों और अन्य आरोपियों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो सके।