India-US Relations: भारत-अमेरिका सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार, राजदूत सर्जियो गोर बोले- तकनीक, रक्षा और निवेश में खुल रहे नए अवसर

You are currently viewing India-US Relations: भारत-अमेरिका सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार, राजदूत सर्जियो गोर बोले- तकनीक, रक्षा और निवेश में खुल रहे नए अवसर

अमेरिका के भारत स्थित राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को भविष्य की सबसे मजबूत वैश्विक साझेदारियों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश प्रौद्योगिकी, रक्षा, निवेश, सेमीकंडक्टर, उभरती तकनीकों और व्यापार जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। गोर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मजबूत नेतृत्व और बेहतर समन्वय से द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिल रही है।

राजदूत ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग अब केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि नई तकनीकों, डिजिटल इनोवेशन, रक्षा उत्पादन, आईटी, स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी तक तेजी से विस्तार कर रहा है। उनका मानना है कि दोनों देशों की क्षमताएं एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

उन्होंने भारत में बढ़ते विदेशी निवेश का भी उल्लेख किया और कहा कि कई बड़ी अमेरिकी कंपनियां भारत में अपने कारोबार और निवेश का विस्तार कर रही हैं। वहीं भारतीय कंपनियां भी अमेरिका में निवेश और कारोबार बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ रोजगार और तकनीकी सहयोग के नए अवसर भी बन रहे हैं।

सर्जियो गोर ने बताया कि उनकी प्राथमिकताओं में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना, रक्षा सहयोग को और मजबूत करना तथा निवेश से जुड़े नए अवसरों को बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा।

राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे परिणाम आधारित नेतृत्व में विश्वास रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बेहतर तालमेल दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, सेमीकंडक्टर, उभरती प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग इस रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती दे रहा है। दोनों देश भविष्य में भी साझा हितों और वैश्विक चुनौतियों पर मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।