गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 5 और संदिग्ध गिरफ्तार; बम बनाने की साजिश की जांच तेज

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गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों को पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका स्थित खाडियाल गांव से हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई को 3 जुलाई को गिरफ्तार किए गए आठ संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कादीवाला, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खाली अयूब सुनसारा, शफिया रईस मुख्ती और मोहम्मद हसन कार्डिया के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को मेहसाणा जिले के कढ़ी कस्बे की अदालत में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 24 जुलाई तक ATS की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि आरोपियों में से एक ने टाइम बम तैयार करने का प्रयास किया था। हालांकि, शुरुआती जांच में यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। अब जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई, उसे कहां छिपाया गया और इस पूरी साजिश में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

ATS के अनुसार, जांच के दौरान बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, उर्दू भाषा में लिखे कुछ दस्तावेज और संगठन से जुड़े साहित्य की भी तलाश की जा रही है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि संदिग्धों तक यह सामग्री किस माध्यम से पहुंची और क्या इनके संपर्क में अन्य लोग भी शामिल थे।

इससे पहले 3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश से कुल आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया, जिसके बाद पांच अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी संभव हो सकी। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क की जांच का हिस्सा है और मामले में आगे भी नई जानकारियां सामने आ सकती हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पहले गिरफ्तार किए गए संदिग्ध सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे एक कथित हैंडलर के संपर्क में थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी और वे गुजरात में अपना नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे। इस पूरे मामले में डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल ATS सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मॉड्यूल की गतिविधियां कितनी व्यापक थीं, इनके संपर्क किन लोगों से थे और क्या इस मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता भी है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।