विनायक दामोदर सावरकर मानहानि मामले में मंगलवार को पुणे की विशेष अदालत में सावरकर के पड़पोते सात्यकि सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे केस में बयान दर्ज कराया। जिरह के दौरान सात्यकि ने दावा किया कि अगर सावरकर अंग्रेजों के साथ समझौता कर लेते तो वे देश के प्रधानमंत्री बन सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सावरकर ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और इसी वजह से उनकी संपत्ति जब्त की गई तथा बैरिस्टर की डिग्री रद्द कर दी गई।
कोर्ट में सात्यकि ने जवाहरलाल नेहरू को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने कहा कि नेहरू सुभाष चंद्र बोस और उनकी राजनीतिक गतिविधियों के विरोधी थे। सात्यकि ने बताया कि उनके ये दावे ‘सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू’ जैसे दस्तावेजों पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई प्रमुख नेताओं ने समय-समय पर सावरकर के योगदान की प्रशंसा की थी।
यह मामला राहुल गांधी के मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण से जुड़ा है, जिसमें उन पर सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। सात्यकि सावरकर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सावरकर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बातें कहीं। राहुल गांधी ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताया है।
राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने अपने भाषण में सावरकर की किताब का हवाला देते हुए दावा किया था कि सावरकर और उनके कुछ साथियों ने एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट की थी और उन्हें इस घटना पर खुशी हुई थी। सात्यकि ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और सावरकर ने अपनी किसी किताब में ऐसा नहीं लिखा।

