उद्धव ठाकरे का BJP पर तीखा हमला: 6 बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग, दल-बदल को बताया स्वार्थ की राजनीति

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उद्धव ठाकरे का BJP पर तीखा हमला: 6 बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग, दल-बदल को बताया स्वार्थ की राजनीति


शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए छह लोकसभा सांसदों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिंदे गुट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि देश में कानून का निष्पक्ष पालन हो रहा है, तो दल-बदल करने वाले इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। ठाकरे का आरोप है कि इन नेताओं ने जनता के हित या विकास के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ और अपने स्वार्थ के कारण पार्टी बदली है।

मराठवाड़ा दौरे के दौरान आयोजित जनसभाओं में उद्धव ठाकरे ने कहा कि जनता ने जिन सांसदों को एक विचारधारा और पार्टी के नाम पर चुना था, उनका बीच कार्यकाल में दूसरी पार्टी में जाना मतदाताओं के विश्वास के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान होना चाहिए और दल-बदल को राजनीतिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले का भी उल्लेख किया। इसी संदर्भ में उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए उसे “बाबर जनता पार्टी” कहा। ठाकरे ने आरोप लगाया कि जिस राम मंदिर के निर्माण को भाजपा वर्षों तक अपनी राजनीतिक पहचान का हिस्सा बनाती रही, उसी मंदिर से जुड़े विवादों ने उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह हिंदुओं की आस्था का विषय है और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

धाराशिव में सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि भाजपा के पास पहले से पर्याप्त राजनीतिक ताकत और बहुमत है, तो विपक्षी दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उनके अनुसार यह केवल दल-बदल नहीं, बल्कि विपक्ष को कमजोर करने की सुनियोजित राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना को कमजोर करने का प्रयास महाराष्ट्र की राजनीतिक पहचान और मराठी अस्मिता पर भी असर डालने की कोशिश है।

उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र धर्म, मराठी स्वाभिमान और शिवसेना की विचारधारा को कमजोर करने के उद्देश्य से लगातार राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। ठाकरे के अनुसार जनता ने जिस विश्वास के साथ प्रतिनिधियों को चुना, उस जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा आवश्यक है।

परभणी में आयोजित सभा के दौरान उद्धव ठाकरे ने छह सांसदों के दल-बदल को “ऑपरेशन देवेंद्र” का हिस्सा बताया। उनका दावा था कि भाजपा के भीतर भी कई वरिष्ठ नेताओं को सीमित करने की राजनीति होती रही है। उन्होंने कहा कि इसी तरह विपक्षी दलों को भी कमजोर करने के लिए राजनीतिक रणनीतियां अपनाई जा रही हैं। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि 22 जून को शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद पार्टी छोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे। इस घटनाक्रम के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की सांसद संख्या बढ़ गई, जबकि उद्धव ठाकरे ने इसे जनादेश और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।