चेन्नई में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध का मामला सामने आया। सचिवालय के पास कुछ लोग मुख्यमंत्री के काफिले तक पहुंच गए और उन्हें रोककर ज्ञापन देने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने 8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में एक दंपती भी शामिल है। ये लोग मार्च में पुलिस हिरासत में जान गंवाने वाले युवक आकाश डेलिसन के मामले में न्याय की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि युवक की मौत की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
बताया गया कि मुख्यमंत्री सुबह करीब 10 बजे सचिवालय पहुंचे थे। इससे पहले फोर्ट सेंट जॉर्ज के पास बड़ी संख्या में लोग जमा थे। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की और मुख्यमंत्री के काफिले की तरफ बढ़ गए।
प्रदर्शनकारियों के काफिले तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री की गाड़ियों को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और उन्हें हिरासत में ले लिया।
पुलिस का कहना है कि बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान एक कांस्टेबल गिरकर मामूली रूप से घायल हो गया। इसके अलावा एक अन्य पुलिसकर्मी के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप भी लगाया गया है। बाद में पुलिसकर्मी को सीने में दर्द की शिकायत के बाद सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
हिरासत में लिए गए लोग युवक की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनके अनुसार, मामले में कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी मुद्दे को लेकर वे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद उन्हें छोड़े जाने की संभावना थी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही थी।
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है, लेकिन इसके बावजूद काफिले के पास प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती मानी जा रही है।
इससे पहले भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा घेरा पार करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जुलाई में एक व्यक्ति बैरिकेड पार कर काफिले की ओर बढ़ गया था। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की तैयारियों पर चर्चा हुई थी।
अब ताजा घटना के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरे तक कैसे पहुंचे और उन्हें रोकने में कहां चूक हुई। साथ ही, युवक की मौत के मामले में प्रदर्शनकारियों की मांग और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

